Friday, June 5, 2020

सूर्यनमस्कार



सूर्यनमस्कार के 12 स्टेप्स इस प्रकार हैं
  1. स्थीतप्रार्थनासन / प्रार्थनासन 
  2. हस्तउत्तानासन
  3. हस्तपदासन
  4. अश्वसंचलनासन
  5. अधोमुखश्वानासन
  6. अष्टांगनमस्कार
  7. भुजंगासन
  8. अधोमुखश्वानासन
  9. अश्वसंचलनासन
  10. हस्तपदासन
  11. हस्तउत्तानासन
  12. स्थीतप्रार्थनासन / प्रार्थनासन 
सावधानी:
हाय बी पी
हार्ट प्रॉब्लम 
वर्टिगो
सायटिका
स्लिप डिस्क 
लेडीज़ को पिरियडस् में अत्यधिक रक्तस्राव हो तो नहीं करे

सूर्यनमस्कार करने से होने वाले लाभ : 


  • एकाग्रता बढ़ती है
  • कॉन्फ़िडेंस बढ़ता है
  • संपूर्ण शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिये है  
  • पाचन में सुधार होता है
  • शरीर के सभी ज्वाइंटस् की एक्सरसाइज़ होती हैं
  • शरीर में रक्तसंचार बढ़ता है
  • हार्मोनल बेलंस बना रहता है
  • पेट और कमर का फ़ैट घटता है



  • स्टेप 1  
    स्थीतप्रार्थनासन / प्रार्थनासन 
    मंत्र - ॐ मित्राय नम:


    आसन कैसे करे : 
    १. सीधे खड़े रहिए
    २. दोनों पैर साथ में जुड़े हो
    ३. कमर, पीठ, गर्दन सीधी रेखा में हो
    ४. दोनों हाथों की हथेलियाँ प्रार्थना की मुद्रा में जुड़ी हो
    ५. सामने एक बिंदु पर नज़र स्थिर करतें हुए श्वास को एक बार लेना हैं और छोड़ना हैं


    स्टेप 2
     मंत्र - ॐ रवये नम: 
    हस्तउत्तानास
    1. श्वास लेते हुए दोनों हाथों को सिर के उपर ले जाये
    2. थोड़ा पीछे की ओर झुके 



    स्टेप 3
    हस्तपदासन
    मंत्र - ॐ सुर्याय नम:
    . श्वास छोड़ते हुए कमर से सामने झुके
    २. दोनों हाथों से पैरों के टखने को छूने का प्रयास करे








    स्टेप ४
    मंत्र - ॐ भानवे नम: 
    अश्वसंचालनासन
    १. दोनों हाथ ज़मीन पर रखे
    २. श्वास लेते हुए दाया पैर जितना पीछे ले जा सके, ले जाये 
    ३. दायें पैर की उँगलियाँ ज़मीन पर हो 
    ४. पीठ का आर्च बनाते हुए उपर की ओर देखे. बेलंस बनाए रखे 

    स्टेप ५
    मंत्र - ॐ खगाय नम:
    अधोमुखश्वानासन

    १. श्वास छोड़ते हुए बाएँ पैर को बाएँ पैर के पास ले जाए
    २. कमर उपर की ओर और सिर नीचे, दोनों हाथों के बीच हो. त्रिकोण की स्थिति हो
    ३.हाथों को सीधा रखते हुए, सिर को नीचे और एड़ियों को ज़मीन की तरफ़ खींचे




    स्टेप ६
    मंत्र - ॐ पूष्णे नमः
    अष्टांगनमस्कार
    .श्वास लेते हुए शरीर को इस तरह ज़मीन पर लाए कि शरीर के 
    आठ अंग ज़मीन से स्पर्श करते हो - 

  • दोनों पैरों की उँगलियाँ
  • दोनों घुटने
  • छाती
  • दोनों हाथ


  • ठोड़ी
  •                                     इस स्थिति में श्वास छोड़े


    स्टेप ७
    मंत्र - ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
    भुजंगासन

    १. श्वास लेते हुए कमर और पैरों को ज़मीन पर लाए 
    २. हाथों को सीधा करते हुए, पीठ का आर्च बनाते हुए गर्दन और सिर उपर उठाए 



    स्टेप ८
    मंत्र - ॐ मरिचये नम:
    अधोमुखश्वानासन

    १. श्वास छोड़ते हुए कमर उपर की ओर उठाए
    २. सिर नीचे, दोनों हाथों के बीच हो. त्रिकोण की स्थिति हो
    ३.हाथों को सीधा रखते हुए, सिर को नीचे और एड़ियों को ज़मीन की तरफ़ खींचे


    स्टेप  ९  
    मंत्र - ॐ आदित्याय नम:
    अश्वसंचालनासन 
    १. दोनों हाथ ज़मीन पर रखे
    २. श्वास लेते हुए बाया पैर आगे लाये, दाया पैर जितना पीछे ले जा सके, ले जाये 
    ३. पीठ का आर्च बनाते हुए उपर की ओर देखे. बेलंस बनाए रखे 




    स्टेप  १० 
    मंत्र - ॐ सवित्रे नम:
    हस्तपदासन
    . श्वास छोड़ते हुए कमर से सामने झुके
    २. दोनों हाथों से पैरों के टखने को छूने का प्रयास करे





    स्टेप  ११ 
    मंत्र - ॐ अर्काय नम:
    हस्तउत्तानास
    1. श्वास लेते हुए दोनों हाथों को सिर के उपर ले जाये
    2. थोड़ा पीछे की ओर झुके 

    स्टेप  १२ 
    मंत्र - ॐ भास्कराय नम:
    स्थीतप्रार्थनासन / प्रार्थनासन 
    १. सीधे खड़े रहिए
    २. दोनों पैर साथ में जुड़े हो
    ३. कमर, पीठ, गर्दन सीधी रेखा में हो
    ४. दोनों हाथों की हथेलियाँ प्रार्थना की मुद्रा में जुड़ी हो




    सूर्य नमस्कार का एक राउंड यहाँ पूरा होता हैl  

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